२ लाइन बेस्ट शायरी
बेशक, तेरी पाकीज़ा वफ़ा का साया मेरे दिल की धड़कनों में,
अमृत बनकर घुल गया है, कि तू ही मेरी पहली और आखरी मंजिल बन चुकी है।
अमृत बनकर घुल गया है, कि तू ही मेरी पहली और आखरी मंजिल बन चुकी है।