🇮🇳 रोमांटिक लव शायरी इन हिंदी
सदा, तेरे चेहरे का तबस्सुम मेरी हर मुराद में,
मेरी पहचान बन चुका है, कि खुदा से अब कोई और दुआ माँगना बाकी नहीं। [रोमांटिक लव शायरी इन हिंदी 674]
मेरी पहचान बन चुका है, कि खुदा से अब कोई और दुआ माँगना बाकी नहीं। [रोमांटिक लव शायरी इन हिंदी 674]