🇮🇳 ४ लाइन शायरी (रुबाई)
ऐ सनम, तेरी मासूमियत का ये अंदाज़ मेरी तकदीर के पन्नों पर,
मेरी पहचान बन चुका है, कि तेरी वफ़ा ही मेरे जीने की सबसे बड़ी और मजबूत वजह है। [४ लाइन शायरी (रुबाई) 504]
मेरी पहचान बन चुका है, कि तेरी वफ़ा ही मेरे जीने की सबसे बड़ी और मजबूत वजह है। [४ लाइन शायरी (रुबाई) 504]