🇮🇳 एटीट्यूड शायरी इन हिंदी
बस इतना समझ लो, हमारी औकात और बुलंदी का कद इतिहास के पन्नों पर,
खुलेआम खलबली मचा रहा है, हमसे टकराने का अंजाम सिर्फ और सिर्फ तबाही और बर्बादी होता है।
खुलेआम खलबली मचा रहा है, हमसे टकराने का अंजाम सिर्फ और सिर्फ तबाही और बर्बादी होता है।