🇮🇳 ब्रेकअप शायरी इन हिंदी
सच है, तन्हाइयों का ये खौफनाक साया मेरी उदासियों के आलम में,
अंदर ही अंदर जला रहा है, कि यादों के सहारे ही ये कड़वी ज़िंदगी काटनी पड़ी। [ब्रेकअप शायरी इन हिंदी 989]
अंदर ही अंदर जला रहा है, कि यादों के सहारे ही ये कड़वी ज़िंदगी काटनी पड़ी। [ब्रेकअप शायरी इन हिंदी 989]