🇮🇳 दर्द भरी और तन्हाई शायरी
सुनो, रोते हुए दिल की ये बेबसी मेरे खामोश आशियाने में,
नासूर बनकर रिस रहा है, कि अब तन्हाइयों से ही दिल लगाना सीख लिया हमने।
नासूर बनकर रिस रहा है, कि अब तन्हाइयों से ही दिल लगाना सीख लिया हमने।