🇮🇳 ग़ज़ल और नज़्म
मेरे हमदम, तेरी मुस्कुराहट की चमक मेरे ख्यालों की दुनिया में,
अमृत बनकर घुल गया है, कि तेरे दम से ही मेरी ज़िंदगी का हर एक लम्हा गुलज़ार है।
अमृत बनकर घुल गया है, कि तेरे दम से ही मेरी ज़िंदगी का हर एक लम्हा गुलज़ार है।