🇮🇳 ४ लाइन शायरी (रुबाई)
बस इतना समझ लो, तेरी हर अदा का जलवा मेरी ज़िंदगी के सफर में,
अमृत बनकर घुल गया है, कि हर जन्म में मुझे सिर्फ और सिर्फ तेरा ही साथ चाहिए। [४ लाइन शायरी (रुबाई) 339]
अमृत बनकर घुल गया है, कि हर जन्म में मुझे सिर्फ और सिर्फ तेरा ही साथ चाहिए। [४ लाइन शायरी (रुबाई) 339]