🇮🇳 सैड शायरी इन हिंदी
यकीन मानो, आँखों से बहते अश्कों का दरिया मेरे खामोश आशियाने में,
नासूर बनकर रिस रहा है, कि अब तन्हाइयों से ही दिल लगाना सीख लिया हमने।
नासूर बनकर रिस रहा है, कि अब तन्हाइयों से ही दिल लगाना सीख लिया हमने।