🇮🇳 ४ लाइन शायरी (रुबाई)
सदा, तेरे लबों की ये हंसी मेरी हर एक दुआ में,
ज़िंदगी को रोशन कर रहा है, कि तेरे मुस्कुराने से ही मेरी ये पूरी कायनात मुकम्मल है। [४ लाइन शायरी (रुबाई) 816]
ज़िंदगी को रोशन कर रहा है, कि तेरे मुस्कुराने से ही मेरी ये पूरी कायनात मुकम्मल है। [४ लाइन शायरी (रुबाई) 816]