ज़िंदगी और हौसला शायरी
यूं तो, ज़िंदगी को खुलकर जीने का ये सलीका वक़्त की बहती हुई धारा में,
सच्चे मार्ग पर चलना सिखा रहा है, कि मुस्कुराते हुए हर हाल में जीना ही सबसे बड़ी ज़िंदगी है। [ज़िंदगी और हौसला शायरी 644]
सच्चे मार्ग पर चलना सिखा रहा है, कि मुस्कुराते हुए हर हाल में जीना ही सबसे बड़ी ज़िंदगी है। [ज़िंदगी और हौसला शायरी 644]