ज़िंदगी और हौसला शायरी
दिल की गहराइयों से, ज़िंदगी को खुलकर जीने का ये सलीका प्रकृति के हर एक बदलाव में,
अंदर से मजबूत और परिपक्व बना रहा है, कि मुस्कुराते हुए हर हाल में जीना ही सबसे बड़ी ज़िंदगी है।
तेरी चाहत में हर इम्तिहान से गुज़र जाना है,
तुझे ही अपनी ज़िंदगी का सच्चा मक़सद बनाना है।
अंदर से मजबूत और परिपक्व बना रहा है, कि मुस्कुराते हुए हर हाल में जीना ही सबसे बड़ी ज़िंदगी है।
तेरी चाहत में हर इम्तिहान से गुज़र जाना है,
तुझे ही अपनी ज़िंदगी का सच्चा मक़सद बनाना है।