ज़िंदगी और हौसला शायरी
ज़माने से कह दो, नेक कर्मों की ये महकती हुई खुशबू इस जीवन के हर एक पड़ाव पर,
आत्मिक शांति और आनंद बरसा रहा है, पर ज़िंदगी दोबारा नहीं मिलती इस वक़्त को बदलने के लिए।
तेरी चाहत में हर इम्तिहान से गुज़र जाना है,
तुझे ही अपनी ज़िंदगी का सच्चा मक़सद बनाना है।
आत्मिक शांति और आनंद बरसा रहा है, पर ज़िंदगी दोबारा नहीं मिलती इस वक़्त को बदलने के लिए।
तेरी चाहत में हर इम्तिहान से गुज़र जाना है,
तुझे ही अपनी ज़िंदगी का सच्चा मक़सद बनाना है।