ट्रू लव शायरी इन हिंदी
दिल की गहराइयों से, तेरी सांसों की महक मेरी हर सुबह ओ शाम में,
इबादत की तरह पावन हो गया है, कि अब तेरे इश्क में ही जीना और मरना मंजूर है।
इबादत की तरह पावन हो गया है, कि अब तेरे इश्क में ही जीना और मरना मंजूर है।