रोमांटिक शायरी
याद रखना, तेरे लबों की ये हंसी मेरी हर मुराद में,
हर ग़म को मिटा रहा है, कि तेरे मुस्कुराने से ही मेरी ये पूरी कायनात मुकम्मल है।
हर ग़म को मिटा रहा है, कि तेरे मुस्कुराने से ही मेरी ये पूरी कायनात मुकम्मल है।