इश्क़ और मोहब्बत शायरी
यूं तो, तेरे इश्क की ये बारिश मेरी खुशियों के आशियाने में,
खुदा की रहमत बन गया है, कि तेरी एक हंसी पे हम अपनी जान भी निसार कर दें।
खुदा की रहमत बन गया है, कि तेरी एक हंसी पे हम अपनी जान भी निसार कर दें।