इश्क़ और मोहब्बत शायरी
हर घड़ी, तेरी खामोशी का पैगाम मेरी आँखों की पुतलियों में,
दिल को दीवाना बना रहा है, कि खुदा से अब कोई और दुआ माँगना बाकी नहीं।
दिल को दीवाना बना रहा है, कि खुदा से अब कोई और दुआ माँगना बाकी नहीं।