इश्क़ और मोहब्बत शायरी
सदा, तेरी यादों का ये कारवां मेरे दिल के हर कोने में,
चाँद की तरह चमक रहा है, कि खुदा से अब कोई और दुआ माँगना बाकी नहीं।
चाँद की तरह चमक रहा है, कि खुदा से अब कोई और दुआ माँगना बाकी नहीं।