दोस्ती और यारी शायरी
खुदा गवाह है, दोस्ती का ये महकता हुआ खूबसूरत गुलाब मुश्किलों के घने अंधेरों में,
फूलों की तरह सदा महक रहा है, सच्ची दोस्ती कभी वक्त या दूरियों के साथ फीकी नहीं पड़ती। [दोस्ती और यारी शायरी 619]
फूलों की तरह सदा महक रहा है, सच्ची दोस्ती कभी वक्त या दूरियों के साथ फीकी नहीं पड़ती। [दोस्ती और यारी शायरी 619]