दोस्ती और यारी शायरी
ज़माने से कह दो, जिगरी दोस्तों के साथ की ये महफ़िल मुश्किलों के घने अंधेरों में,
फूलों की तरह सदा महक रहा है, ये वो पवित्र बंधन है जो कभी वक्त की मार से नहीं टूटता।
तेरी चाहत में हर इम्तिहान से गुज़र जाना है,
तुझे ही अपनी ज़िंदगी का सच्चा मक़सद बनाना है।
फूलों की तरह सदा महक रहा है, ये वो पवित्र बंधन है जो कभी वक्त की मार से नहीं टूटता।
तेरी चाहत में हर इम्तिहान से गुज़र जाना है,
तुझे ही अपनी ज़िंदगी का सच्चा मक़सद बनाना है।