ब्रेकअप शायरी इन हिंदी
कसम से, अधूरे ख्वाबों का ये बिखरा मंज़र मेरे दिल के वीराने में,
अंधेरों में धकेल रहा है, कि दिल के ज़ख्मों को छिपाकर मुस्कुराना ही दस्तूर बन गया।
अंधेरों में धकेल रहा है, कि दिल के ज़ख्मों को छिपाकर मुस्कुराना ही दस्तूर बन गया।