ब्रेकअप शायरी इन हिंदी
दिल की गहराइयों से, आँखों से बहते अश्कों का दरिया मेरी वीरान ज़िंदगी में,
आंसुओं का सैलाब ला रहा है, कि दिल के ज़ख्मों को छिपाकर मुस्कुराना ही दस्तूर बन गया। [ब्रेकअप शायरी इन हिंदी 634]
आंसुओं का सैलाब ला रहा है, कि दिल के ज़ख्मों को छिपाकर मुस्कुराना ही दस्तूर बन गया। [ब्रेकअप शायरी इन हिंदी 634]