बेवफ़ा और बिछड़ने की शायरी
यूं तो, उदासी की ये लंबी शामें मेरी भीगी आँखों में,
खामोशी से रुला रहा है, कि किसी को अपना बनाकर खोना बहुत ज्यादा दर्द देता है।
खामोशी से रुला रहा है, कि किसी को अपना बनाकर खोना बहुत ज्यादा दर्द देता है।