बेवफा शायरी इन हिंदी
सच है, छूटे हुए हमसफर की यादें मेरी खामोश रातों में,
जीते जी मौत का अहसास दे रहा है, कि खुशियों की तलाश में सिर्फ ग़म ही ग़म हाथ लगे। [बेवफा शायरी इन हिंदी 936]
जीते जी मौत का अहसास दे रहा है, कि खुशियों की तलाश में सिर्फ ग़म ही ग़म हाथ लगे। [बेवफा शायरी इन हिंदी 936]