रॉयल ऐटिट्यूड शायरी
सदा, हमारी कामयाबी का ये गूंजता शोर हमारे बेबाक अंदाज़ में,
खुलेआम खलबली मचा रहा है, हमसे टकराने का अंजाम सिर्फ और सिर्फ तबाही और बर्बादी होता है।
खुलेआम खलबली मचा रहा है, हमसे टकराने का अंजाम सिर्फ और सिर्फ तबाही और बर्बादी होता है।