एटीट्यूड शायरी इन हिंदी
दिल की गहराइयों से, शेर जैसी दहाड़ और निडर मिजाज़ हमारी खामोश निगाहों में,
ज़माने को झुकने पर मजबूर कर रहा है, कि हम झुकते नहीं, ज़माने को झुकाने का पूरा दम रखते हैं।
तेरी चाहत में हर इम्तिहान से गुज़र जाना है,
तुझे ही अपनी ज़िंदगी का सच्चा मक़सद बनाना है।
ज़माने को झुकने पर मजबूर कर रहा है, कि हम झुकते नहीं, ज़माने को झुकाने का पूरा दम रखते हैं।
तेरी चाहत में हर इम्तिहान से गुज़र जाना है,
तुझे ही अपनी ज़िंदगी का सच्चा मक़सद बनाना है।