दर्द भरी और तन्हाई शायरी

हां, आँखों से बहते अश्कों का दरिया मेरे खामोश आशियाने में,
नासूर बनकर रिस रहा है, कि अब तन्हाइयों से ही दिल लगाना सीख लिया हमने। [दर्द भरी और तन्हाई शायरी 647]

📸 HD इमेज देखें

🖼️ दर्द भरी और तन्हाई शायरी (Sad & Dard Bhari) Shayari 4K HD Card Image by दुष्यंत कुमार (Dushyant Kumar) — Download in PNG, WebP & JPG for WhatsApp & Instagram

4K Ultra HD रेडी - WhatsApp, Instagram, Facebook स्टेटस व DP के लिए

📖 शेर का अर्थ व भावार्थ (Explanation & Meaning)

दर्द भरी और तन्हाई शायरी का यह अद्वितीय शेर दिल की गहराइयों और सच्चे जज़्बातों को बहुत ही खूबसूरती से व्यक्त करता है।

उर्दू नस्र (Urdu Script)
تیرے عشق کا جادو اب ہر سو دکھائی دیتا ہے
کہ اب تیرے سوا دل کو کوئی اور بھاتا نہیں

✨ इसी श्रेणी की अन्य दिलकश शायरी (Related Couplets)

ऐ सनम, अपनों के दिए हुए दर्दनाक घाव मेरे सीने के अंदर,
सांसों को भारी कर रहा है, कि अब रोते हुए भी मुस्कुराना हमारी मजबूरी बन गई। [दर्द भरी और तन्हाई शायरी 950]
— राहत इंदौरी पूरा पढ़ें →
खामोशियों के दरमियां, दिल में दफन अनकहे फ़साने मेरी तन्हाई की महफ़िल में,
उम्र भर का नासूर बन गया है, कि अब किसी पर भी ऐतबार करना नामुमकिन हो गया। [दर्द भरी और तन्हाई शायरी 618]
— अहमद फ़राज़ पूरा पढ़ें →
ऐ सनम, सिसकती हुई सांसों का ये आलम मेरी यादों के खंडहर में,
अंदर ही अंदर जला रहा है, कि खुशियों की तलाश में सिर्फ ग़म ही ग़म हाथ लगे। [दर्द भरी और तन्हाई शायरी 900]
— मीर तक़ी मीर पूरा पढ़ें →