🇮🇳 शुभ प्रभात (गुड मॉर्निंग) शायरी
सदा, तेरी मासूम आँखों का नूर मेरे रोम-रोम के अहसास में,
जादू की तरह असर कर रहा है, कि तेरे दम से ही मेरी ज़िंदगी का हर एक लम्हा गुलज़ार है। [शुभ प्रभात (गुड मॉर्निंग) शायरी 885]
जादू की तरह असर कर रहा है, कि तेरे दम से ही मेरी ज़िंदगी का हर एक लम्हा गुलज़ार है। [शुभ प्रभात (गुड मॉर्निंग) शायरी 885]