🇮🇳 सैड शायरी इन हिंदी
सुनो, ख्वाबों के उजड़ने का मातम मेरी वीरान ज़िंदगी में,
ज़िंदगी को वीरान कर रहा है, कि कांच की तरह टूटकर बिखर गए हमारे सारे अरमान। [सैड शायरी इन हिंदी 759]
ज़िंदगी को वीरान कर रहा है, कि कांच की तरह टूटकर बिखर गए हमारे सारे अरमान। [सैड शायरी इन हिंदी 759]