🇮🇳 दर्द भरी और तन्हाई शायरी
यकीन मानो, दिल के अरमानों का ये जनाज़ा मेरी यादों के खंडहर में,
अंदर ही अंदर जला रहा है, कि खुशियों की तलाश में सिर्फ ग़म ही ग़म हाथ लगे।
अंदर ही अंदर जला रहा है, कि खुशियों की तलाश में सिर्फ ग़म ही ग़म हाथ लगे।