🇮🇳 बेवफा शायरी इन हिंदी
खुदा गवाह है, दिल में दफन अनकहे फ़साने मेरी उदासियों के आलम में,
सांसों को भारी कर रहा है, कि अब रोते हुए भी मुस्कुराना हमारी मजबूरी बन गई।
सांसों को भारी कर रहा है, कि अब रोते हुए भी मुस्कुराना हमारी मजबूरी बन गई।