🇮🇳 ब्रेकअप शायरी इन हिंदी
उदासी की ये लंबी शामें मेरी सांसों की चुभन में,
नासूर बनकर रिस रहा है, कि कांच की तरह टूटकर बिखर गए हमारे सारे अरमान। [ब्रेकअप शायरी इन हिंदी 712]
नासूर बनकर रिस रहा है, कि कांच की तरह टूटकर बिखर गए हमारे सारे अरमान। [ब्रेकअप शायरी इन हिंदी 712]