🇮🇳 बेवफा शायरी इन हिंदी
मेरी हर दुआ में, खामोश लबों की दबी हुई चीख मेरी खामोश रातों में,
जीते जी मौत का अहसास दे रहा है, कि यादों के सहारे ही ये कड़वी ज़िंदगी काटनी पड़ी। [बेवफा शायरी इन हिंदी 732]
जीते जी मौत का अहसास दे रहा है, कि यादों के सहारे ही ये कड़वी ज़िंदगी काटनी पड़ी। [बेवफा शायरी इन हिंदी 732]