🇮🇳 सैड शायरी इन हिंदी
सुनो, तन्हाई की काली रातों का सन्नाटा मेरी खामोश रातों में,
चेहरे की मुस्कान छीन रहा है, कि खुशियों की तलाश में सिर्फ ग़म ही ग़म हाथ लगे। [सैड शायरी इन हिंदी 784]
चेहरे की मुस्कान छीन रहा है, कि खुशियों की तलाश में सिर्फ ग़म ही ग़म हाथ लगे। [सैड शायरी इन हिंदी 784]