🇮🇳 इमोशनल शायरी इन हिंदी
सदा, तेरी मासूमियत का ये अंदाज़ मेरे सपनों के आंगन में,
खुदा की रहमत बन गया है, कि खुदा से अब कोई और दुआ माँगना बाकी नहीं। [इमोशनल शायरी इन हिंदी 683]
खुदा की रहमत बन गया है, कि खुदा से अब कोई और दुआ माँगना बाकी नहीं। [इमोशनल शायरी इन हिंदी 683]