🇮🇳 शुभ रात्रि (गुड नाइट) शायरी
यूं तो, तेरी खूबसूरत सूरत का नूर मेरी खुशियों के आशियाने में,
ज़िंदगी को रोशन कर रहा है, कि खुदा से अब कोई और दुआ माँगना बाकी नहीं। [शुभ रात्रि (गुड नाइट) शायरी 329]
ज़िंदगी को रोशन कर रहा है, कि खुदा से अब कोई और दुआ माँगना बाकी नहीं। [शुभ रात्रि (गुड नाइट) शायरी 329]