🇮🇳 शुभ प्रभात (गुड मॉर्निंग) शायरी
ज़िंदगी के सफर में, तेरी धड़कनों की आवाज़ मेरी रूह की गहराइयों में,
अमृत बनकर घुल गया है, कि तू ही मेरी पहली और आखरी मंजिल बन चुकी है। [शुभ प्रभात (गुड मॉर्निंग) शायरी 313]
अमृत बनकर घुल गया है, कि तू ही मेरी पहली और आखरी मंजिल बन चुकी है। [शुभ प्रभात (गुड मॉर्निंग) शायरी 313]