🇮🇳 रोमांटिक शायरी इन हिंदी
इश्क़ में, तेरे चेहरे का तबस्सुम मेरी हर मुराद में,
मेरी पहचान बन चुका है, कि खुदा से अब कोई और दुआ माँगना बाकी नहीं।
मेरी पहचान बन चुका है, कि खुदा से अब कोई और दुआ माँगना बाकी नहीं।