🇮🇳 ४ लाइन शायरी (रुबाई)
बस इतना समझ लो, तेरे चेहरे का तबस्सुम मेरे सपनों के आंगन में,
नया उजाला बिखेर रहा है, कि तेरी खुशियों के लिए हम ज़माने से भी टकरा सकते हैं।
नया उजाला बिखेर रहा है, कि तेरी खुशियों के लिए हम ज़माने से भी टकरा सकते हैं।