🇮🇳 शुभ प्रभात (गुड मॉर्निंग) शायरी
कसम से, तेरी चाहत की ये दास्तान मेरी रूह की गहराइयों में,
अमृत बनकर घुल गया है, कि दिलों के ये रूहानी रिश्ते कभी दूरियों से नहीं टूटते। [शुभ प्रभात (गुड मॉर्निंग) शायरी 553]
अमृत बनकर घुल गया है, कि दिलों के ये रूहानी रिश्ते कभी दूरियों से नहीं टूटते। [शुभ प्रभात (गुड मॉर्निंग) शायरी 553]