🇮🇳 शुभ प्रभात (गुड मॉर्निंग) शायरी
मेरे हमदम, तेरा ख्याल मेरी रूह में मेरी हर सुबह ओ शाम में,
कुछ इस तरह समाया हुआ है, कि दिलों के ये रूहानी रिश्ते कभी दूरियों से नहीं टूटते। [शुभ प्रभात (गुड मॉर्निंग) शायरी 49]
कुछ इस तरह समाया हुआ है, कि दिलों के ये रूहानी रिश्ते कभी दूरियों से नहीं टूटते। [शुभ प्रभात (गुड मॉर्निंग) शायरी 49]