🇮🇳 शुभ प्रभात (गुड मॉर्निंग) शायरी
यूं तो, तेरा ख्याल मेरी रूह में मेरी हर सुबह ओ शाम में,
कुछ इस तरह समाया हुआ है, कि अब तेरे इश्क में ही जीना और मरना मंजूर है। [शुभ प्रभात (गुड मॉर्निंग) शायरी 657]
कुछ इस तरह समाया हुआ है, कि अब तेरे इश्क में ही जीना और मरना मंजूर है। [शुभ प्रभात (गुड मॉर्निंग) शायरी 657]