🇮🇳 ग़ज़ल और नज़्म
मेरी हर दुआ में, तेरे लबों की ये हंसी मेरे सपनों के आंगन में,
दिल को दीवाना बना रहा है, कि तेरे मुस्कुराने से ही मेरी ये पूरी कायनात मुकम्मल है।
तेरी चाहत में हर इम्तिहान से गुज़र जाना है,
तुझे ही अपनी ज़िंदगी का सच्चा मक़सद बनाना है।
दिल को दीवाना बना रहा है, कि तेरे मुस्कुराने से ही मेरी ये पूरी कायनात मुकम्मल है।
तेरी चाहत में हर इम्तिहान से गुज़र जाना है,
तुझे ही अपनी ज़िंदगी का सच्चा मक़सद बनाना है।