🇮🇳 दर्द भरी और तन्हाई शायरी
मेरी हर दुआ में, तन्हाइयों का ये खौफनाक साया मेरी तन्हाई की महफ़िल में,
उम्र भर का नासूर बन गया है, कि अब किसी पर भी ऐतबार करना नामुमकिन हो गया।
उम्र भर का नासूर बन गया है, कि अब किसी पर भी ऐतबार करना नामुमकिन हो गया।