🇮🇳 इश्क़ और मोहब्बत शायरी
अक्सर, तेरे इश्क की ये बारिश मेरी खुशियों के आशियाने में,
खुदा की रहमत बन गया है, कि तेरे मुस्कुराने से ही मेरी ये पूरी कायनात मुकम्मल है।
खुदा की रहमत बन गया है, कि तेरे मुस्कुराने से ही मेरी ये पूरी कायनात मुकम्मल है।