🇮🇳 शुभ रात्रि (गुड नाइट) शायरी
सदा, तेरी पनाहों का ये सुकून मेरी तकदीर के पन्नों पर,
चाँद की तरह चमक रहा है, कि खुदा से अब कोई और दुआ माँगना बाकी नहीं। [शुभ रात्रि (गुड नाइट) शायरी 7]
चाँद की तरह चमक रहा है, कि खुदा से अब कोई और दुआ माँगना बाकी नहीं। [शुभ रात्रि (गुड नाइट) शायरी 7]