🇮🇳 बेवफ़ा और बिछड़ने की शायरी
सदा, दिल में दफन अनकहे फ़साने मेरे सीने के अंदर,
इस कदर चुभ रहा है हर पल, कि अब किसी पर भी ऐतबार करना नामुमकिन हो गया।
तेरी चाहत में हर इम्तिहान से गुज़र जाना है,
तुझे ही अपनी ज़िंदगी का सच्चा मक़सद बनाना है।
इस कदर चुभ रहा है हर पल, कि अब किसी पर भी ऐतबार करना नामुमकिन हो गया।
तेरी चाहत में हर इम्तिहान से गुज़र जाना है,
तुझे ही अपनी ज़िंदगी का सच्चा मक़सद बनाना है।