🇮🇳 शुभ रात्रि (गुड नाइट) शायरी
बस इतना समझ लो, तेरी इबादत का सुरूर मेरी हर एक दुआ में,
दिल को दीवाना बना रहा है, कि तेरी खुशियों के लिए हम ज़माने से भी टकरा सकते हैं। [शुभ रात्रि (गुड नाइट) शायरी 255]
दिल को दीवाना बना रहा है, कि तेरी खुशियों के लिए हम ज़माने से भी टकरा सकते हैं। [शुभ रात्रि (गुड नाइट) शायरी 255]