ज़िंदगी और हौसला शायरी
हां, अहसासों की ये बहती हुई निर्मल नदी शांत और एकांत पलों में,
खुदा की अपार रहमत का अहसास करा रहा है, वक्त की कद्र करने वाले इंसान कभी ज़िंदगी में नाकाम नहीं होते।
तेरी चाहत में हर इम्तिहान से गुज़र जाना है,
तुझे ही अपनी ज़िंदगी का सच्चा मक़सद बनाना है।
खुदा की अपार रहमत का अहसास करा रहा है, वक्त की कद्र करने वाले इंसान कभी ज़िंदगी में नाकाम नहीं होते।
तेरी चाहत में हर इम्तिहान से गुज़र जाना है,
तुझे ही अपनी ज़िंदगी का सच्चा मक़सद बनाना है।