रोमांटिक शायरी
बेशक, तेरी ज़ुल्फ़ों की हसीन छांव मेरी सूनी रातों में,
मेरी पहचान बन चुका है, कि तेरे मुस्कुराने से ही मेरी ये पूरी कायनात मुकम्मल है।
मेरी पहचान बन चुका है, कि तेरे मुस्कुराने से ही मेरी ये पूरी कायनात मुकम्मल है।